1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अन्य देश
  4. "हमारा यूरेनियम चोरी करने आए थे, चोर कहीं के", अमेरिका के अभियान पर ईरान ने लगाया बड़ा आरोप

"हमारा यूरेनियम चोरी करने आए थे, चोर कहीं के", अमेरिका के अभियान पर ईरान ने लगाया बड़ा आरोप

 Edited By: Kajal Kumari @lallkajal
 Published : Apr 07, 2026 07:04 am IST,  Updated : Apr 07, 2026 07:04 am IST

अमेरिकी सेना ने ईरान में गिराए गए F-15 जेट के एयरमैन को दो दिन बाद रविवार को सुरक्षित निकाल लिया था। इसके लिए बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया था। अब ईरान ने अमेरिका पर असफल चोरी का बड़ा आरोप लगाया है।

ईरान अमेरिका की जंग- India TV Hindi
ईरान अमेरिका की जंग Image Source : PTI

अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले लगातार जारी हैं और ईरान भी इन हमलों का ताबड़तोड़ जवाब दे रहा है। अमिरकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी है कि अमेरिका ईरान में बड़ी तबाही मचा सकता है। ईरान ने भी धमकी का जवाब दिया है कि वो पीछे हटने वाला नहीं है। इससे पहले ईरान ने अमेरिका के दो इंजन और दो सीटों वाले एफ-15ई स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान को मार गिराया था, जिसमें एक पायलट के लापता होने की खबर मिली थी। 5 अप्रैल को, अमेरिकी सेना ने दक्षिण-पश्चिम ईरान में लापता हुए  पायलट को ढूंढने और उसे निकालने के लिए अमेरिकी इतिहास का सबसे साहसी खोज और बचाव अभियान चलाया और पायलट को सही सलामत ढूंढ निकाला था।

ईरान का बड़ा आरोप-हमारा यूरेनियम चोरी करना चाहते

 ईरान ने इस अभियान को लेकर रविवार को बयान दिया और इस अभियान पर तंज कसा। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाक़ाई ने कहा कि, इस संभावना को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए कि यह समृद्ध यूरेनियम की चोरी के लिए एक छल अभियान था। उन्होंने आगे कहा कि इस मिशन को लेकर कई सवाल और अनिश्चितताएं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संवर्धित यूरेनियम चोरी का प्रयास था। 

बाक़ाई ने कहा, कोहगिलुयेह और बोयेर-अहमद प्रांत में जिस इलाके में अमेरिकी पायलट के होने का दावा किया गया था, वह मध्य ईरान में उस इलाके से बहुत दूर है जहां उन्होंने अपनी सेना उतारने की कोशिश की थी या उतारना चाहते थे। उन्होंने इस अभियान को संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए एक आपदा बताया।

ईरान का यूरेनियम क्यों लेना चाहता है अमेरिका?

खबरों के मुताबिक, ईरान के पास 400 से 450 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम है, जो परमाणु हथियार बनाने में सहायक हो सकता है। पिछले हफ्ते, वॉल स्ट्रीट जर्नल ने खबर दी थी कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प विशेष रूप से समृद्ध यूरेनियम निकालने के लिए ईरान में जमीनी अभियान चलाने पर विचार कर रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप ईरान पर युद्ध समाप्त करने की शर्त के रूप में परमाणु सामग्री सौंपने का दबाव डालने की भी बात कर रहे हैं। ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान परमाणु सामग्री को अपने पास नहीं रख सकता और ईरान द्वारा इसे सौंपने से इनकार करने पर बलपूर्वक इसे जब्त करने पर चर्चा की है।

यूरेनियम ठिकानों पर है ट्रंप की नजर

माना जाता है क ईरान के पास 400 किलोग्राम से अधिक 60 प्रतिशत अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम और लगभग 200 किलोग्राम 20 प्रतिशत विखंडनीय पदार्थ था, जिसे आसानी से 90 प्रतिशत हथियार-ग्रेड यूरेनियम में परिवर्तित किया जा सकता है। अब कहा जा रहा है कि इसका अधिकांश हिस्सा अमेरिकी बमबारी में नष्ट हुई एक पहाड़ी के मलबे के नीचे दबा हुआ है, जिसके बारे में ट्रंप ने दावा किया था कि इसने तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को नष्ट कर दिया है। हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने कहा है कि ईरान का परमाणु सामग्री मुख्य रूप से उन तीन स्थलों में से दो पर संग्रहित है जिन पर अमेरिका ने हमला किया था, वो हैं- इस्फ़हान और नतान्ज़। अब अमेरिका की नजर इन दो यूरेनियम ठिकानों पर है।

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Around the world से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश